UP: बेटे ने साथी संग मिलकर उतारा था पिता को मौत के घाट

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बंथरा पुलिस ने आरोपी और उसके मित्र को दबोचा

लखनऊ। बंथरा थाना क्षेत्र के गड़रिया खेड़ा में चार दिन पूर्व 45 वर्षीय किसान जगजीवन रावत की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पुत्र शिवा रावत ने अपने साथी संदीप रावत के साथ मिलकर की थी।

पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

बंथरा इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के मुताबिक हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई तो पुलिस के शक के राडार पर मृतक जगजीवन राम का पुत्र शिवा रावत उर्फ गोलू आया।

पुलिस ने जब उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो पहले तो गोलू ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया लेकिन कड़ाई से जब पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कबूल कर ली।

शिवा रावत ने पुलिस को बताया कि उसने सात नवंबर की रात को अपने मित्र संदीप रावत के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की साजिश रची और रात में ही उसने घर में सो रहे अपने पिता के सिर पर कुल्हाड़ी का बेंट मारकर उनकी हत्या कर दी।

इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि कलयुगी पुत्र शिवा और उसके मित्र संदीप को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। पुलिस ने शिवा की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।

गौरतलब हो कि बीते रविवार रात घर के बाहर बरामदे में सो रहे जगजीवन की सिर कूच कर हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह चारपाई पर उसका खून से लथपथ शव मिला था।

पुलिस को भ्रमित करने के लिए जगजीवन के बेटे शिवा ने पुलिस को बताया कि वह कमरे के अंदर सो रहा था, तभी बाहर बरामदे में सो रहे पिता की किसी ने सिर कूच कर हत्या कर दी।

सो रहे पिता पर कुल्हाड़ी से किया था ताबड़तोड़ वार

जगजीवन रावत अपने बड़े बेटे शिवा रावत उर्फ गोलू के साथ गांव से ही कुछ दूर गड़रियन खेड़ा के पास अपने खेत में घर बना कर पिछले 10 वर्षों से रह रहे था। वहीं छोटा बेटा रितेश काफी समय से राजाजीपुरम में रह एक दुकान में काम करता है।

शिवा ने बताया कि पिता जगजीवन ने अपनी काफी जमीन कई लोगों के हाथों बेच दी और घटना के एक दिन बाद जमीन और मकान की रजिस्ट्री करने जाने वाले थे। जमीन और मकान बिकते देख शिवा ने पिता जगजीवन को खत्म करने की योजना बनाई। शिवा ने अपने साथी संदीप रावत को भी शामिल कर लिया।

रविवार को जगजीवन ने अपने दो साथियों के साथ घर में शराब पी और खाना खाकर सो गया। इसी बीच शिवा ने संदीप को बुलाया।

रात में जगजीवन गहरी नींद में सो गया, तो शिवा घर के अंदर रखी लोहे की कुल्हाड़ी लेकर आया और संदीप से जगजीवन के पैर पकडऩे को कहा।

जब संदीप ने जगजीवन के दोनों पैर हाथों से दबा लिए, तभी शिवा ने कुल्हाड़ी के पिछले हिस्से से जगजीवन के सिर पर ताबड़तोड दो वार किए। गंभीर रूप से घायल जगजीवन की मौके पर ही मौत हो गई।