“साइबर फ्रॉड” से बचने के लिए लें “साइबर दोस्त” की मदद, पढ़े कैसे बच सकते है “आप “

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यूपी साइबर क्राइम पोर्टल के ट्रिवटर हैंडल साइबर दोस्त जालसाजी से बचने के लिए जनता को लगातार चेतावानी दे रहा है। इसके बावजूद शहर में जालसाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही है।

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के साइबर पोर्टल पर भी तरह-तरह के निर्देश भी हैश टैग किए जा रहे हैं। जालसाजी से बचने के ऑडियो क्लिप के जरिए लोगों को चेतावनी भी दी जा रही है।

SYEBER DOST
NEWS24ON

स्कीमर से करते हैं डाटा हैक

एसीपी साइबर क्राइम विवेक रंजन के मुताबिक कार्ड क्लोनिंग गैंग के सदस्य उन एटीएम बूथ को टारगेट करते हैं जिनमें सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता है। गैंग के सदस्य पीओएस व स्कीमर मशीन के साथ एक हिडन कैमरा लगा देते हैं।

जहां एटीएम बूथ से पैसा निकालने आए ग्राहकों की नजर उस हिडन कैमरे पर नहीं पड़ती है। इसके बाद वह स्कीमर की मदद से ग्राहकों के कार्ड पर डाटा आसानी से हैक कर लेते हैं। हिडन कैमरे में कार्ड का पिन नंबर भी रिकॉर्ड हो जाता है।

फिर जालसाज दूसरे कार्ड में ग्राहकों का डाटा ट्रांसफर कर उनके खाते से रकम पार कर देते हैं। उन्होंने अधिकांश घटनाएं बंथरा, महिलाबाद, माल, चिनहट, काकोरी, इंटौजा, गोसाईंगज, बीकेटी, पीजीआई थानाक्षेत्र में ज्यादा होती हैं। इन जगहों के अधिकांश एटीएम बूथ सिक्योरिटी गार्ड के अभाव में हैं।

कम पढ़े लिखे लोगों को बनाते हैं टारगेट

एसीपी साइबर क्राइम विवेक रंजन के मुताबिक गिरोह के सदस्य बुजुर्गो, महिलाओं और कम पढ़े-लिखे लोगों को टारगेट करते हैं। फिर वह मदद करने की बात कहकर ग्राहक का कार्ड बदल लेते हैं।

साथ ही एटीएम कार्ड का पिन नम्बर भी हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वह कार्ड क्लोनिंग कर खाते से पैसा उड़ा लेते हैं। पुलिस ने कार्ड क्लोनिंग में रोमानिया गैंग समेत लोकल स्तर पर काम कर रहे गैंग को गिरफ्तार किया है।

होशियारी और आपकी सतर्कता ही आपका बचाव है