मुनाफे का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाले कंपनी के दो निदेशक गिरफ्तार

एसटीएफ व विभूतिखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोचा

लखनऊ। मल्टीलेवल मार्केटिंग के माध्यम से निवेशकों ने 40 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कंपनी के दो निदेशकों को एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों पर 15 व 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपियों के पास से एक कार व अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

मल्टीलेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से अरबों रुपये की ठगी के मामले में एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ द्वारा तफ्तीश कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ व विभूतिखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने भरवारा रेलवे क्रासिंग के पास से कार सवार दो लोगों को दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम देवेश कुमार यादव उर्फ बाहुबली निवासी जनपद उन्नाव हालपता ग्रीन सिटी छोटा भरवारा लखनऊ व रामजनक मौर्या निवासी जनपद प्रतापगढ़ हालपता वृन्दावन योजना पीजीआई लखनऊ बताया है। आरोपियों के पास से मोबाइल,एटीएम कार्ड व 1590 रुपये की नकदी समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

एसटीएफ के उप निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों की मदद से हैलो राइड लिमिटेड व इंफिनिटी वल्र्ड इंफ्रा प्रा.लि. नाम की कम्पनियों के माध्यम से हजारों लोगों से लगभग 40 करोड़ रुपये इनवेस्ट कराकर ठगी की है।

बाहुबली ग्रुप के निदेशक देवेश कुमार यादव पर 25 हजार व बादशाह ग्रुप के निदेशक रामजनक मौर्या पर 15 हजार का इनाम घोषित था। फिलहाल एसटीएफ टीम गिरफ्तार आरोपियों को विभूतिखंड कोतवाली में दाखिल कर दिया है। आगे की कार्रवाई विभूतिखंड पुलिस द्वारा की जा रही है।

बाइक टैक्सी चलाने समेत अन्य लुभावने ऑफर देकर बनाते थे शिकार

पूछताछ में गिरफ्तार देवेश यादव ने बताया कि वर्ष 2018 में इंफिनिटी वल्र्ड इंफ्रा वेन्चुअर प्रा.लि.रियल स्टेट कम्पनी में सस्ते प्लाट देने के के नाम पर किस्तों में लोगों से रुपया जमा कराना शुरू किया था।
इस कम्पनी के डायरेक्टर अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिद्दीकी व शकील अहमद खान थे। अभय कुशवाहा ने वर्ष 2018 में ही हैलो राइड लिमिटेड कम्पनी बनायी जिसमें निखिल कुशवाहा, अभय कुशवाहा, नीलम वर्मा, आजम सिद्दीकी डायरेक्टर थे।

इसका आफिस साइबर हाइट्स विभूतिखण्ड में आठवे तल पर था। यह कम्पनी बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर ग्राहकों से 61000 रुपये जमा करने के बदले प्रतिमाह 9582 रुपये 12 माह तक (114984) देने का लालच देकर रुपये जमा कराती थी। कम्पनी में रुपये जमा करने के लिए सात टीमे बनायी गयी थी।

देवेश यादव ने बताया कि इन्ही सात टीमों में मेरी बाहुबली ग्रुप थी जिसमें मैं निदेशक था। अपनी टीम के माध्यम से लगभग 500 लोगों से 20 करोड़ रुपये इन कम्पनियों में जमा कराये जिसका मुझे लगभग एक करोड़ 80 लाख कमीशन मिला।

 

वहीं गिरफ्तार आरोपी राम जनक मौर्या ने बताया कि उक्त दोनों कम्पनियों में देवेश के साथ ज्वाइन किया था। उनकी टीम ने इसी तरह लगभग 18 करोड़ रुपये जमा कराये थे। मार्च 2019 मे जब इन कम्पनियों में लगभग 500 करोड़ रुपये जमा हो गये तो अभय कुशवाहा कम्पनियां बंद करके फरार हो गया।

इसके बाद इन कम्पनियों व हम लोगों पर सैकड़ों मुकदमें पंजीकृत हो गए। इसके बाद दिल्ली व अन्य स्थानों पर जगह बदल बदल कर छिपकर रह रहा था। दिल्ली से मुकदमे के संबंध में देवेश से मिलने शुक्रवार को लखनऊ आया था। इसी दौरान पकड़ लिए गए।