पति-पत्नी और वो… ने निगल ली महिला सिपाही की हंसती खेलती जिंदगी

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हत्या के मामले में तहसीलदार,उसकी पत्नी और एक साथी गिरफ्तार

लखनऊ। पति-पत्नी और…वो ने पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला सिपाही की हंसती-खेलती जिंदगी निगल ली। पहले प्रेम-जाल में तहसीलदार ने सिपाही रुचि चौधरी को फंसाया। फिर सिपाही पति से तलाक करवाया।

वहीं प्यार में अंधी हो चुकी रुचि ने जब तहसीलदार से शादी का दबाव बनाया तो उसने अपनी पत्नी और एक साथी के साथ मिलकर महिला सिपाही को मौत के घाट उतार दिया। फिलहाल कई दिनों से चल रही महिला सिपाही हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने तहसीलदार,उसकी पत्नी व एक दोस्त को गिरफ्तार कर खुलासा किया है।

तहसीलदार ने पहले पति से तलाक कराया,फिर रास्ते से हटाया

पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला सिपाही रुचि चौधरी हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीसीपी पूर्वी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामले में प्रतापगढ़ के रानीगंज तहसील में तैनात तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव ने पीजीआई के रहने वाले नामवर सिंह के साथ मिलकर रुचि की हत्या की थी। महिला सिपाही की मौत सिर पर भारी सामान से वार करने से हुई थी। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षी व तहसीलदार के बीच करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए। रुचि अपने पति से तलाक चाहती थी। तलाक की प्रकिया करीब पूर्ण होने वाली ही थी।

 

इसी दौरान रुचि तहसीलदार पदमेश पर शादी के लिए रुचि दबाव डाल रही थी। पदमेश भी शादीशुदा था। इससे आजिज आकर पदमेश ने पूरी बात पत्नी प्रगाति श्रीवास्तव को बया की। दोनों ने रुचि को रास्ते से हटाने की योजना बनायी। मूलरूप से बिजनौर की रहने वाली रुचि सुशांत गोल्फ सिटी के अर्जुनगंज में किराए के मकान में रहती थी। पदमेश ने योजना के तहत 12 फरवरी को फोन कर रुचि को पीजीआई अस्पताल के पास बुलाया।

कार में सवार पदमेश ने अनार के जूस में 10 टेबलेट अलप्रास डालकर रुचि को पिला दिया। बेहोश होने के बाद पदमेश ने अपने साथी नामवर सिंह की मदद से सिर पर भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद 12 फरवरी की रात को ही मानवर सिंह ने शव माती नाले में ठिकाने लगा दिया। पीजीआई इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान वीडियो व फोटोग्राफी कराई गई है। वहीं स्लाइड व स्वॉव बनाया गया है। जांच के लिए बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है।

 

दाखिल खारिज के लिए हत्याकांड में हुआ शामिल

मानवर सिंह मूलरूप से प्रतापगढ़ का रहने वाला था। एक कीमती जमीन की खारिज दाखिल करने के सिलसिले में तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव से उसका संपर्क हुआ था। खारिज दाखिल कराने के एवज में रुचि चौधरी को रास्ते से हटाने के लिए मानवर सिंह तैयार हो गया था।

डीसीपी पूर्वी अमित आनंद ने बताया कि रुचि के शव की शिनाख्त के बाद से पुलिस उसकी कॉल डिटेल के जरिए हत्यारे की तलाश कर रही थी। रुचि ने आखिर कॉल प्रतापगढ़ रानीगंज के तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर पर की थी। रुचि की आखिरी लोकेशन पीजीआई इलाके में मिली थी जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद हो गया था।

कॉल डिटेल के आधार पर पीजीआई पुलिस रविवार देर रात तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव तक पहुंच गई। पूछताछ में पदमेश ने अपने साथी मानवर सिंह की मदद से रुचि की हत्या करने की बात कबूल की है। हत्यारोपी तहसीलदार के दो बच्चे हैं। वहीं हत्यारोपी नामवर सिंह तहसीलदार की पत्नी का प्रेमी बताया जा रहा है।

तहसीलदार ने शादीशुदा जिंदगी को किया तबाह

रुचि की शादी जून 2019 में कांस्टेबल नीरज के साथ हुई थी। दिसंबर 2019 में रुचि भी बतौर सिपाही भर्ती हो गई। लेकिन इसके पहले से ही तहसीलदार पदमेश श्रीवास्तव से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। नौकरी पाने के बाद रुचि ने अपने पुराने प्रेम को उजागर कर दिया।

इसके पहले उसने पति नीरज के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ का केस दर्ज करवाया। इसके बाद पदमेश के कहने पर तलाक का केस कर दिया। पदमेश की पोस्टिंग प्रतापगढ़ में थी लेकिन उसका परिवार प्रयागराज में रहता था। पदमेश पहले से शादीशुदा होने के बावजूद रुचि से रिलेशनशिप में था। वह अक्सर रुचि से मिलने के लिए गोमतीनगर विस्तार के सुलभ आवास में किराये के फ्लैट पर आता था। वहीं रुचि भी उसकी पत्नी बनकर प्रतापगढ़ में उसके सरकारी आवास पर कई दिन तक रुकती थी।

सात दिन से लापता थी महिला सिपाही

सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शनिवार को रुचि के लापता होने का मामला पुलिस मुख्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी एमपी सिंह ने दर्ज कराया था। वहीं, रविवार को सिपाही के भाई शुभम ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर गुरुवार को नाले से मिले शव की पहचान बहन के तौर पर की है। बिजनौर निवासी रुचि सिंह की तैनाती पुलिस मुख्यालय में थी।

13 फरवरी को उसकी ड्यूटी थी। काम पर नहीं आने पर रुचि को उसके साथी तलाश रहे थे। उसकी सहेली ने सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर मदद मांगी थी। वहीं रुचि का मोबाइल भी लगातार बंद था। वहीं 17 फरवरी को माती स्थित नाले में एक महिला का शव मिला था जिसका हुलिया लापता सिपाही से मेल खा रहा था।