निजी सचिव की आत्महत्या मामले में कोतवाल समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

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बापू भवन में निजी सचिव द्वारा खुद को गोली मारने का मामला

पूर्व में कोतवाल और आरोपित दारोगा किए जा चुके है निलंबित

लखनऊ। अपर मुख्य सचिव नगर विकास रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या के मामले में उन्नाव के औसार कोतवाल, दारोगा व अन्य विपक्षियों समेत 11 लोगों के खिलाफ हुसनैगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है। मामले में कोतवाल और आरोपित दारोगा को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है। हुसनैगंज पुलिस निजी सचिव के भाई की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

ठाकुरगंज के बालागंज निवासी विशंभर दयाल के भाई ओम प्रकाश की तहरीर पर औसार कोतवाल हरि प्रसाद अहिरवार, दारोगा नमीजुद्दीन, सूरज,बाबूलाल, पप्पू गौतम, बृजेश चौरासिया, सतीश कुमार ,राम शंकर व संजीव यादव समेत अन्य 11 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने समेत अन्य धाराओं में हुसैनगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। भाई ओम प्रकाश ने औसार पुलिस समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई व रिटायर जज के संरक्षण में जांच की मांग की है। आरोप है कि उसकी बहन रामदेवी की शादी उन्नाव निवासी पप्पू पुत्र सूरत से हुई थी। सूरत,बाबूलाल पुत्रगण परम व इनके बेटों का पप्पू से आपसी जमीनी विवाद चल रहा था। विपक्षीगणों ने औसार पुलिस के साथ मिलकर 11 अगस्त 2019 से विशम्भर के खिलाफ झूठा मुकदमा करने की धमकी देकर प्रताडि़त किया जा रहा था।

इतना ही नहीं लगातार झूठे मुकदमे में फंसाकर जिंदगी बर्बाद करने धमकी दी जा रही थी। भाई को ब्लैकमेल का धन उगाही भी की गई। लोहिया अस्पताल में विशम्भर के कपड़े की जेब से अपर मुख्य सचिव गृह को सम्बोधित पत्र की फोटो प्रति मिली है। जिसमें पुलिस की प्रताडऩा समेत अन्य बाते लिखी है।

एसीपी हजरतगंज ने बताया कि केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। गौरतलब हो कि कृष्ण जन्माष्टमी के कारण 30 अगस्त को सचिवालय में छुट्टी थी। बावजदू इसके नगर विकास के अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल बापू भवन स्थित दफ्तर पहुंचे थे। यहां आठवें फ्लोर के रूम नम्बर 824 में दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने खुद लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी में गोली मार ली।

उन्हें गंभीर हालत में पहले लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पांच दिन बाद उनकी मौत हो गई। मौके से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि उनके और बहन के खिलाफ  उन्नाव के औरास थाने में मुकदमा दर्ज है। जिससे वह परेशान चल रहे थे। उधर मामले में जांच अधिकारी आईजी लक्ष्मी सिंह ने लापरवाही बरतने वाले उन्नाव के तत्कालीन इंस्पेक्टर हरि प्रसाद अहिरवार व दारोगा नमीजुद्दीन को निलंबित कर दिया था।