5-G trial : 5-जी के ट्रायल से मौत होने की अफवाहों के मामले में जांच के आदेश

Order for investigation in case of rumors of death from 5-G trial

एडीजी एलओ ने संबंधित पुलिस अफसरों को किया निर्देशित

कई जनपदों में मोबाइल टावरों को उखाड़ फेकने की धमकी

लखनऊ। प्रदेश में 5 जी के ट्रायल से मौत होने की अफवाहों के सम्बन्ध में एडीजी एलओ ने सभी जनपदों के जोनल व पुलिस कप्तानों को जांच के निर्देश दिए हैं।

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक विगत दिनों सोशल मीडिया फेसबुक, वाट्सऐप व फोन के माध्यम से अफवाह फैलाई जा रही है कि प्रदेश के कई हिस्सों में 5 जी के ट्रायल से रेडिएशन फैल रहा है।

जिससे लोगों की मौत हो रही है। कुछ पोस्ट में इटली में कोविड से मरे व्यक्तियों की पोस्टमार्टम के बाद रेडिएशन से मृत्यु होने की बात फैलायी जा रही है। इसके अलावा बनारस के युवक की बिहार से किसी व्यक्ति की फोन से बातचीत का आडियो वायरल हो रही है, जिसमें 5 जी टावर के टेस्टिंग से व्यक्तियों के मरने की बात कही जा रही है।

उक्त मामले में प्रसारित खबर से ग्रामीणों द्वारा टावर को बंद कराने व उखाड़ फेंकने की धमकी दिया जाना भी प्रसारित किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने जोनल व जिले के पुलिस अफसरों को जांच कर कार्रवाई के संबंध में निर्देशित किया है।

इसके अलावा अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने के साथ ही छोटी से छोटी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई व उत्तेजना की सामग्री के प्रसार से रोकने के संबंध में निर्देशित किया है। साथ ही अफवाहों का प्रत्येक स्तर पर तत्काल खण्डन किए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

5जी टेस्टिंग से कोरोना का कोई ताल्लुक नहीं

एएलटीटीसी (एडवांस लेवल टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर) ने इस संबंध में साफ किया है कि किसी भी तरंग से वायरस नहीं फैलता। चाहे वह प्रकाश की तरंग हो या 5जी की। डब्ल्यूएचओ ने भी अपनी वेबसाइट पर साफ कर दिया है कि 5जी तरंगों से कोरोना का कोई संबंध नहीं है।

इस संबंध में एएलटीटीसी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था आइटीयू (इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन) से जानकारी मांगी थी।

आइटीयू ने साफ कर दिया है कि 5जी टेस्टिंग से कोरोना का कोई ताल्लुक नहीं है। बल्कि किसी भी तरंग से वायरस नहीं फैल सकता। इंटरनेट मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 5जी की टेस्टिंग का विरोध करिए। इसकी तरंगे लोगों की जान ले रही हैं। मैसेज के साथ कई तरह के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

कई लोगों ने भी एएलटीटीसी से इस बारे में जानकारी मांगी थी। आइटीयू की तरफ से इस तरह के मैसेज को भ्रामक बताया है। कोरोना वायरस मोबाइल नेटवर्क और रेडियो तरंगों के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच सकता है।

 

 

 

 

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