RBI : 8 को-ऑपरेटिव बैंकों पर चला RBI का डंडा जानें बैंकों के नाम

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इन बैंकों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने में देरी करने और असुरक्षित कर्ज को मंजूरी देने के चलते RBI ने दंड लगाया है

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India (RBI) ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश (Madhya Pradesh, Maharashtra, West Bengal, Manipur, Gujarat, Haryana and Uttar Pradesh) में आठ सहकारी बैंकों पर 12 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।

RBI ने सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल की Nabapalli Cooperative Bank पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है

RBI द्वारा नबापल्ली सहकारी बैंक (Nabapalli Cooperative Bank), बारासात, पश्चिम बंगाल पर सबसे अधिक यानी कि 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ये जुर्माना प्रूडेंशियल इंटर-बैंक (ग्रॉस) जोखिम सीमा का पालन नहीं करने और प्रूडेंशियल इंटर-बैंक काउंटरपार्टी सीमा का पालन करने में विफल रहने के लिए लगाया गया है।

वहीं दूसरी तरफ फैज मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक (Faiz Mercantile Co-operative Bank), नासिक, महाराष्ट्र पर नियमों का उल्लंघन कर एक निदेशक के रिश्तेदार को कर्ज देने के लिए सबसे कम यानी कि 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

RBI द्वारा जिन अन्य बैंकों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें मध्य प्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित (Jila Sahakari Kendriya Bank Maryadit), महाराष्ट्र में अमरावती मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक (Amravati Merchants’ Co-operative Bank), मणिपुर में मणिपुर महिला सहकारी बैंक ( Manipur Women’s Cooperative Bank), उत्तर प्रदेश में यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (United India Co-operative Bank), हरियाणा के बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (Baghat Urban Co-operative Bank)और गुजरात में नवनिर्माण सहकारी बैंक (Navnirman Co-operative Bank) शामिल हैं। इन बैंकों पर ज्यादातर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इन बैंकों द्वारा किये गये उल्लंघनों में पात्र लावारिस जमाराशियों को जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष में स्थानांतरित नहीं करना, धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने में देरी करना और असुरक्षित कर्ज को मंजूरी देना शामिल है।

इससे पहले RBI ने बड़ा ऐक्शन लेते हुए ने चीन की कंपनियों के साथ डेटा साझा करने को लेकर फिनटेक फर्म पेटीएम (Paytm) पर कार्रवाई की। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने 11 मार्च के एक आदेश में पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) को नए कस्टमर्स जोड़ने को लेकर रोक लगा दी थी क्योंकि इसने अपने डेटा को विदेशी सर्वर तक जाने की इजाजत दी, जो भारत के डेटा लोकलाइजेशन नियमों का उल्लंघन था। इसके अलावा उसने अपने ग्राहकों का केवाईसी डेटा भी ठीक से वेरिफाई भी नहीं किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने अपनी सालाना जांच में पाया कि कंपनी के सर्वर चीन में स्थिति कुछ ऐसी फर्मों के साथ डेटा शेयर कर रहे थे, जिनका अप्रत्यक्ष रुप से Paytm Payments Bank में कुछ हिस्सेदारी है।